नई दिल्ली : सामाजिक कार्यकर्ता और पर्यावरण संरक्षण के लिए लंबे समय से सक्रिय सोनम वांगचुक को शनिवार सुबह जंतर-मंतर से दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया गया। अस्पताल में भर्ती होने के बाद उनकी पत्नी गीतांजलि जे. आंगमो ने अस्पताल प्रशासन से अपील की है कि उनकी अनुमति और परिवार के डॉक्टर की सहमति के बिना वांगचुक को किसी भी प्रकार का मौखिक या नसों के जरिए (आईवी) उपचार न दिया जाए।
गीतांजलि ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर पोस्ट करते हुए कहा कि वह स्वयं सफदरजंग अस्पताल में मौजूद हैं। उन्होंने लिखा कि पिछले 20 दिनों से वांगचुक की निगरानी कर रहे डॉक्टरों और परिवार की सहमति के बिना कोई भी चिकित्सा प्रक्रिया शुरू नहीं की जानी चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि उनकी अनुमति के बिना इलाज शुरू किया जाता है तो इसकी जिम्मेदारी संबंधित अधिकारियों की होगी।
सोनम वांगचुक को शनिवार सुबह दिल्ली पुलिस जंतर-मंतर स्थित प्रदर्शन स्थल से अस्पताल लेकर गई। वह पिछले 21 दिनों से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर थे। अस्पताल सूत्रों के मुताबिक, फिलहाल वांगचुक होश में हैं, उनके सभी जरूरी स्वास्थ्य संकेतक (वाइटल पैरामीटर) स्थिर हैं और उन्हें आपातकालीन वार्ड में डॉक्टरों की निगरानी में रखा गया है।
वांगचुक की पत्नी ने अस्पताल में भर्ती किए जाने के फैसले पर भी सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि शुक्रवार तक उनकी तबीयत सामान्य थी और उन्हें अस्पताल ले जाने की आवश्यकता नहीं थी। उन्होंने दोहराया कि परिवार और निजी चिकित्सक की सहमति के बिना किसी भी प्रकार का उपचार शुरू नहीं किया जाना चाहिए।
दूसरी ओर, दिल्ली पुलिस का कहना है कि विशेषज्ञ डॉक्टरों की सलाह और दिल्ली हाईकोर्ट के निर्देशों का पालन करते हुए वांगचुक को आवश्यक चिकित्सकीय देखभाल के लिए अस्पताल ले जाया गया है। पुलिस ने जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे लोगों से शांतिपूर्वक धरना समाप्त कर स्थल खाली करने की भी अपील की है।
शुक्रवार रात जारी एक वीडियो संदेश में सोनम वांगचुक ने कहा था कि भूख हड़ताल के दौरान उनका लगभग 20 प्रतिशत वजन कम हो चुका है। इसके बावजूद उन्होंने स्पष्ट किया कि वह अपनी मांगों से पीछे हटने वाले नहीं हैं। उन्होंने सरकार से युवाओं की आवाज सुनने और उनकी चिंताओं पर गंभीरता से विचार करने की अपील की।
गौरतलब है कि सोनम वांगचुक 28 जून से कथित नीट परीक्षा अनियमितताओं और इससे जुड़े छात्रों की मौत के मामलों को लेकर चल रहे आंदोलन के समर्थन में अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर हैं। इस बीच दिल्ली हाईकोर्ट भी उनके स्वास्थ्य की नियमित निगरानी सुनिश्चित करने और जरूरत पड़ने पर उचित चिकित्सकीय हस्तक्षेप के निर्देश दे चुका है। फिलहाल अस्पताल में उनकी स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।

